Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

जहाँ न सम्मान हो, न आजीविका हो, न बन्धुजन हो, न अपने धर्म की रक्षा हो, न धर्मात्मा, न दानी, न परोपकारी, न गुणवान हों और न विद्या प्राप्ति का साधन हो, न राजा हो अथवा बहुत राजा हों, जहाँ स्त्री राजा हो या बालक राजा हो या मूर्ख राजा हो वहाँ नहीं रहना चाहिए।

One should not stay where there is no honour, no livelihood, no kinsfolk, no protection of one's dharma, no virtuous or charitable or benevolent or worthy people, no means of gaining knowledge, no king or too many kings, or where a woman, a child, or a fool is the ruler.

— आराध्य सूत्र · #5252

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक