Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

इस तरह न कमाओ की पाप हो जाये, इस तरह न गमाओ की कर्ज हो जाये, इस तरह न खाओ की मर्ज हो जाये, इस तरह न बोलो कि क्लेश हो जाये, इस तरह न चलो कि देर हो जाये, इस तरह न सोचो कि चिन्ता हो जाये।

Do not earn in a way that becomes sin, do not lose in a way that becomes debt, do not eat in a way that becomes disease, do not speak in a way that becomes conflict, do not walk in a way that causes delay, and do not think in a way that becomes worry.

— आराध्य सूत्र · #5230

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक