Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

भेषधारी साधु को, गुरु को, ब्राह्मण को, राजा को, स्त्री को, मूर्ख को, बालक को और सर्प को पंडितजन कुपित नहीं करते हैं। समाधि निष्परिग्रही की होती है।

The wise do not provoke a saint in garb, a guru, a brahmin, a king, a woman, a fool, a child, or a serpent. Equanimity belongs to the possessionless.

— आराध्य सूत्र · #5222

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक