Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

उपकार करना पर स्वयं कष्टमय मत होना और पापी का उपकार करना सर्प को दूध पिलाना है।

Do good, but do not make yourself miserable in doing so; and to favour a sinner is like feeding milk to a serpent.

— आराध्य सूत्र · #5147

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक