Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

पाप कर्म की ओर व्यक्ति पहले देखता है, फिर सोचता है, फिर बढ़ता है और फिर उसमें लिप्त हो जाता है।

Toward a sinful deed a person first looks, then thinks, then advances, and then becomes engrossed in it.

— आराध्य सूत्र · #4706

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