धर्म धर्म और देश के लिए जीवित रहना ही यथार्थ जीवन है। To live for dharma and for one's country is the only true life. — आराध्य सूत्र · #4469 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
गृहस्थ के द्वारा मरण पर्यन्त जो पाप संचित किए जाते हैं। उन सब पापों को एक रात्रि का दीक्षित साधु'' नियम से भस्म कर देता है। धर्म 0 – भेजें
सत्य माता, ज्ञान पिता, धर्म भाई, दया मित्र, शान्ति पत्नि और क्षमा पुत्र; ये छह ही संसारी प्राणी को सुख देने वाले हैं। धर्म 0 – भेजें
हमारे जीवन में सुख कम और दुःख ज्यादा हैं, इसका कारण यह है कि हमने अपना उपयोग धर्म कमाने में कम और कर्म कमाने में अधिक किया है। धर्म 0 – भेजें