Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

किसी वस्तु के दोष का ध्यान न करते हुए विद्वान् उनके गुणों को ग्रहण कर लेते हैं, भौंरा जैसे काँटो वाले फूलों की गंध और पराग का उपयोग कर लेता है।

The learned, without heeding the faults of a thing, take up its virtues, just as the bee draws fragrance and pollen even from thorny flowers.

— आराध्य सूत्र · #4240

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक