Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

देखने, बोलने, सोचने और करने के विषय में पहले सोचिए कि क्या देखना, क्या बोलना, क्या सोचना और क्या करना क्या नहीं करना।

Regarding seeing, speaking, thinking and doing, first consider what to see, what to speak, what to think, and what to do and not to do.

— आराध्य सूत्र · #4184

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक