Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

उसी काम का करना ठीक है जिसे करके पश्चाताप न करना पड़े और जिसके फल का प्रसन्न मन से भोग कर सकें।

It is right to do only that work for which one need not repent and whose fruit one can enjoy with a glad mind.

— आराध्य सूत्र · #4142

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक