Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

जिससे अपयश और कुमति हो तथा जिससे पुण्य नष्ट हो जाए, ऐसा कर्म कभी न करें।

Never do a deed that brings disgrace and wrong thinking, and by which merit is destroyed.

— आराध्य सूत्र · #4141

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