Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

गुणशीलता, तात्कालिक परिस्थिति तथा भविष्य का विचार करके शीघ्रता तथा दीर्घ सूत्रता दोनों दोषों को छोड़कर देश-काल के अनुकूल अपना कार्य करना चाहिए।

Considering virtue, the immediate situation and the future, and giving up both faults — haste and procrastination — one should do one's work in keeping with place and time.

— आराध्य सूत्र · #4139

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक