Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
पुरुषार्थ

इंसान होकर हम हार क्यों मानें जब बहती नदी ने आज तक नहीं पूछा कि समुद्र कितनी दूर है।

Being human, why should we accept defeat, when the flowing river has never yet asked how far the sea is?

— आराध्य सूत्र · #4089

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