Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

दोषग्राही मिथ्यादृष्टि गुणग्राही सम्यग्दृष्टि होता है।

One who seizes on faults is of wrong vision; one who seizes on virtues is of right vision.

— आराध्य सूत्र · #4049

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक