Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
पुरुषार्थ

भाग्य (दैव) के अनुकूल होने पर भी यदि मानव उद्योगहीन (आलसी) है तो उसका कल्याण नहीं हो सकता है।

Even when fate is favourable, if a person is idle and without effort his welfare cannot come about.

— आराध्य सूत्र · #3798

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