Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

वह पाप अग्नि का कुंड है जो आदर, मान, साहस और धैर्य को क्षणभर में जलाकर भस्म कर देता है।

Sin is a pit of fire that in a moment burns to ashes one's respect, honour, courage and patience.

— आराध्य सूत्र · #3788

इसी विषय के और सूत्र

सभी कर्म →