Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

प्रत्येक व्यक्ति के अभिप्राय को सुनो परन्तु सुनकर एकदम से बहक न जाओ उस पर विचार करो, जिससे आत्मा सहमत हो वही करो, बातें सुनने में जितनी कर्णप्रिय होती हैं; उनके अंदर उतना रहस्य नहीं होता, रहस्य वस्तु की प्राप्ति में है, दर्शन में नहीं, मिश्री का स्वाद चखने से आता है, देखने से नहीं।

Listen to everyone's opinion, but do not be swept away at once on hearing it — reflect on it, and do only what the soul agrees with; the more pleasing words are to the ear, the less mystery they hold within. The real mystery lies in attaining the thing, not in seeing it — the taste of rock-sugar comes from tasting it, not from looking at it.

— आराध्य सूत्र · #3769

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक