Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
पुरुषार्थ

जो लोग भवितव्य पर विश्वास कर पुरुषार्थ करना छोड़ देते हैं, उन्हें भवितव्य पर विश्वास नहीं हैं क्योंकि भवितव्य में भाग्य और पुरुषार्थ दोनों गर्भित हैं, दोनों का विश्वासी ही भवितव्यता का विश्वासी माना जाता है।

Those who trust in destiny and give up effort do not really believe in destiny, for destiny contains both fate and effort; only one who believes in both is a true believer in destiny.

— आराध्य सूत्र · #3642

इसी विषय के और सूत्र

सभी पुरुषार्थ →