Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
पुरुषार्थ

पुरुषार्थ हीन भाग्य अथवा भाग्यहीन पुरुषार्थ इन दो ही कारणों से मनुष्य का उद्योग निष्फल होता है। अतः पुण्य कमाओ साथ में पुरुषार्थ करो।

For just two reasons — fate without effort, or effort without fate — a person's endeavours fail; so earn merit and put in effort alongside.

— आराध्य सूत्र · #3611

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