Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धर्म

जो पुरुष मनुष्य भव में समीचीन धर्म को छोड़कर संसार में उत्पन्न सुख को भोगता है वह अमृत को छोड़कर महाविष को ग्रहण करता है।

The man who, in human birth, forsakes true dharma and revels in worldly pleasures is discarding nectar to take up deadly poison.

— आराध्य सूत्र · #3560

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