Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धर्म

जो मनुष्य अधिकारी व्यक्ति के सामने स्वेच्छापूर्वक अपने दोष शुद्ध हृदय से कह देता है और फिर कभी न करने की प्रतिज्ञा लेता है, उसी का प्रायश्चित्त शुद्धतम है।

The atonement is purest of one who willingly confesses his faults with a pure heart before a qualified person and then vows never to repeat them.

— आराध्य सूत्र · #3527

इसी विषय के और सूत्र

सभी धर्म →