Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

जिस आपदा में अच्छी क्रिया से किसी प्रकार आत्मा की रक्षा न हो सके उसमें निषिद्ध कर्म भी करना चाहिए क्योंकि जब सड़क पर वर्षा से कीचड़ हो जाती है तब पंडित लोग भी कभी-कभी कुमार्ग से जाते हैं, उनका कुमार्ग में जाने का लक्ष्य नहीं होता बल्कि सड़क के कीचड़ से बचने का लक्ष्य होता है।

In a calamity where the self cannot be saved by right action, even a forbidden act may be done; for when rain turns the road to mud, even the wise sometimes take a wrong path—their aim is not to go astray but to avoid the mud of the road.

— आराध्य सूत्र · #3364

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक