Misc. कोई भी वस्तु इतनी अच्छी नहीं होती जितनी पहले प्रतीत होती है। Nothing is ever as good as it first appears. — आराध्य सूत्र · #3349 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
दुर्बल मनुष्य, मुनि और विषधर सर्प इन तीनों की दृष्टि अत्यन्त दुःसह होती है, इसलिए तुम इन्हें असंतुष्ट नहीं करना। Misc. 0 – भेजें
कहना मुश्किल है कि राम और कृष्ण में कौन उन्नीस है और कौन बीस है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि स्वयं बृज के चारों ओर की भूमि के लोग भी वहाँ एक दूसरे को जय राम जी से नमस्ते करते हैं। Misc. 0 – भेजें
किसी भी संगठन में सम्मिलित होने का अर्थ है, अपने आप पर बंधन लगाना, अपनी स्वतंत्रता को सीमित करना। Misc. 0 – भेजें