Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

मंत्रणा छह कान में पड़ते ही रहस्य खुल जाता है तथा चार कान में स्थिर रहता है इसलिए सभी प्रयत्नों से बुद्धिमान मंत्रणा में छह कान न होने दें।

A counsel that reaches six ears is soon exposed, but stays secret within four ears; therefore the wise should by every effort not let six ears share a counsel.

— आराध्य सूत्र · #3335

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक