Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

गुण-दोष का विचार किए बिना किसी को ग्रहण करना या त्यागना मानो अपना नाश करने के लिए सर्प के मुख में हाथ डालना है।

To accept or reject someone without weighing merits and faults is like thrusting one's hand into a serpent's mouth to destroy oneself.

— आराध्य सूत्र · #3305

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक