श्रोताओं के सामने आने पर भयभीत होने वाले व्यक्ति का ज्ञान उसी प्रकार है, जैसे युद्ध क्षेत्र में नपुंसक के हाथ में तलवार।
The learning of one who grows fearful before an audience is like a sword in the hand of a coward on the battlefield.
— आराध्य सूत्र · #3247
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