Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

मेरे लिए पर के दोष अहितकारी नहीं हैं अपितु पर के गुण हितकारी हैं किन्तु मेरे स्वयं के दोष मेरे लिए अहितकारी हैं।

For me, others' faults are not harmful; rather, others' virtues are beneficial—but my own faults are harmful to me.

— आराध्य सूत्र · #3142

इसी विषय के और सूत्र

सभी विवेक →
प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक