Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

धर्म, काम और अर्थ सम्बन्धी कार्यों को करने से पहले न बताएँ, करके ही दिखाएँ, ऐसा करने से अपनी मंत्रणा दूसरों पर प्रकट नहीं होती है।

Do not announce your undertakings of dharma, desire and wealth beforehand; show them only once done, so your counsel is not revealed to others.

— आराध्य सूत्र · #3007

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक