Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

ऋण, अग्नि, शत्रु और द्वेष को कभी बढ़ने नहीं देना चाहिए।

Debt, fire, an enemy, and malice should never be allowed to grow.

— आराध्य सूत्र · #2999

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक