Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

भवितव्यता जिस पदार्थ को नहीं चाहती, उसे तुम अत्यन्त चेष्टा करने पर भी नहीं रख सकते और जो वस्तुएँ तुम्हारी हैं, तुम्हारे भाग्य में हैं, उन्हें तुम इधर उधर फेंक भी दो, फिर भी वे तुम्हारे पास से नहीं जावेंगी।

What destiny does not will to be yours, you cannot keep despite the utmost effort; and the things that are truly yours, fated to you, will not leave you even if you throw them here and there.

— आराध्य सूत्र · #2629

इसी विषय के और सूत्र

सभी कर्म →