Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

दूसरों के दोष पर ध्यान देते समय हम स्वयं बहुत भले बन जाते हैं, पर जब हम अपने दोषों पर ध्यान देंगे तो अपने आपको कुटिल और कामी पायेंगे।

While attending to others' faults we make ourselves out to be very good, but when we attend to our own faults we will find ourselves crooked and full of desire.

— आराध्य सूत्र · #1810

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक