Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

अपने परिणाम सुधारो, दूसरों को मत सुधारो, तीर्थंकर आदिनाथ अपने परिवार के मारीच को नहीं सुधार पाये, तो आप कैसे सुधार सकते हो।

Reform your own state of mind, do not try to reform others; even Tirthankar Adinath could not reform Marich of his own family, so how can you?

— आराध्य सूत्र · #1776

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक