Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

एक बार इंसान ने कोयल से कहा—तू काली न होती तो कितनी अच्छी होती? फिर सागर से कहा तेरा पानी खारा न होता तो कितना अच्छा होता, फिर गुलाब से कहा—तुझमें काँटे न होते तो कितना अच्छा होता? तब तीनों एक साथ बोले हे इंसान! तुझमें दूसरों की कमियाँ देखने की आदत न होती तो तू कितना अच्छा होता?

Once a man said to the cuckoo, 'How lovely you would be if you were not black!' Then to the ocean, 'How good if your water were not salty.' Then to the rose, 'How good if you had no thorns.' At this all three spoke together: 'O man, how good you would be if you did not have the habit of seeing the flaws of others!'

— आराध्य सूत्र · #1563

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
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