Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
पुरुषार्थ

पाप का मूल 'आलस' है और पुण्य का मूल समीचीन 'पुरुषार्थ' है।

The root of sin is laziness, and the root of merit is right effort.

— आराध्य सूत्र · #1379

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