Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

साधु साधना से दिव्य चिन्तामणि भी प्राप्त कर सकते और खली का टुकड़ा भी, अब विवेक उस साधक का है कि वह क्या प्राप्त करना चाहता है ?

Through his practice a sage can obtain the divine wish-fulfilling gem or a mere lump of oil-cake; now it rests on the seeker's discernment to decide what he wishes to attain.

— आराध्य सूत्र · #1345

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक