Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
अनासक्ति

तोता पिंजड़े को नहीं सजाता, आप तन पिंजड़े को कैसे सजाने में लगे हो, तोता मुक्त होना चाहता आप क्यों नहीं, तोता पराधीनता के कारण दुःखी, आप स्वतंत्र होकर क्यों दुःखी जीवन जी रहे हो। धर्म का ह्रास पापियों से नहीं ढोंगी/पाखण्डी धर्मात्माओं से होता है।

The parrot does not decorate its cage, so why are you busy decorating the cage of your body? The parrot longs to be free — why do you not? The parrot suffers from captivity, but why do you live a wretched life even though you are free? Dharma declines not because of sinners but because of hypocritical, pretentious 'pious' people.

— आराध्य सूत्र · #1312

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किसी वस्तु के संयोग के लिए शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि संयोग में शान्ति और स्वाधीनता नहीं है किसी वस्तु के वियोग में शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि पर की रक्षा अपने अधीन नहीं है व पर का अपने से तादात्म्य नहीं है तथा वियोग में अपने स्वरूप की हानि भी नहीं है।
अनासक्ति
धर्म कथा सुनते समय, श्मशान में शवदाह की ज्वाला देखते समय और रोग से सन्तप्त रोगी के कष्ट का अनुभव करते समय मानव हृदय में जो संसार से विरक्त होने की बुद्धि पैदा होती है, यदि वह मनोदशा मस्तिष्क में क्षणिक न रहे स्थिर हो जाये तो मनुष्य संसारी मायाजाल से शीघ्र ही मुक्ति पा लेता है।
अनासक्ति