Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

देव-अदेव, पात्र-अपात्र, शुभ-अशुभ, गुण-अवगुण और शास्त्र आदि के विषय में जो विचार है वह विवेक कहलाता है, विवेक के बिना सब व्यर्थ है।

The reasoned discrimination between god and non-god, worthy and unworthy, auspicious and inauspicious, virtue and vice, and true and false scripture is called discernment; without discernment everything is in vain.

— आराध्य सूत्र · #1303

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक