विवेक विवेकहीन व्यक्ति के सारे गुण व्यर्थ हैं। All the virtues of a person lacking discernment are in vain. — आराध्य सूत्र · #1232 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है। विवेक 0 – भेजें
हम जैसे होते हैं या हमारी दृष्टि जैसी होती है वस्तु प्रायः वैसी दिखती है पर आवश्यक नहीं वस्तु वैसी ही है। विवेक 0 – भेजें