Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

कोपाग्नि, दुर्भाव, ईर्ष्या और प्रतिशोध विवेक को नष्ट कर देते हैं।

The fire of rage, ill will, envy and vengeance destroy discernment.

— आराध्य सूत्र · #1230

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक