Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

उपासना के द्वारा विवेक उत्पन्न होता है विवेकी होने से क्षणिक वस्तुओं में शोक और आनंद दोनों नहीं होते हैं।

Through devotion discernment arises, and being discerning, one has neither sorrow nor delight over transient things.

— आराध्य सूत्र · #1229

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक