Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
अनासक्ति

उस व्यक्ति को क्या लाभ जो सम्पूर्ण विश्व को प्राप्त कर ले किन्तु अपनी आत्मा को भूल जाये। धन खोकर अगर हम अपनी आत्मा को पा सकें, तो यह कोई मँहगा सौदा नहीं है।

What does it profit a person to gain the whole world yet forget their own soul? If by losing wealth we can find our soul, it is no costly bargain.

— आराध्य सूत्र · #981

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किसी वस्तु के संयोग के लिए शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि संयोग में शान्ति और स्वाधीनता नहीं है किसी वस्तु के वियोग में शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि पर की रक्षा अपने अधीन नहीं है व पर का अपने से तादात्म्य नहीं है तथा वियोग में अपने स्वरूप की हानि भी नहीं है।
अनासक्ति
धर्म कथा सुनते समय, श्मशान में शवदाह की ज्वाला देखते समय और रोग से सन्तप्त रोगी के कष्ट का अनुभव करते समय मानव हृदय में जो संसार से विरक्त होने की बुद्धि पैदा होती है, यदि वह मनोदशा मस्तिष्क में क्षणिक न रहे स्थिर हो जाये तो मनुष्य संसारी मायाजाल से शीघ्र ही मुक्ति पा लेता है।
अनासक्ति