Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संतोष

जब तक मनुष्य तृष्णा से युक्त रहता है, तब तक समृद्धिशाली होने पर भी दरिद्र ही रहता है। 'तृष्णा' दुश्चरित्र स्त्री के समान मनुष्य को अनुचित कामों में प्रेरित करती है।

As long as a person is filled with craving, they remain poor even amid prosperity. Craving, like a wanton woman, drives a person to improper deeds.

— आराध्य सूत्र · #974

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