Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

जो भारतवर्ष में जन्म लेकर पुण्य कर्मों से विमुख होता है वह अमृत का कलश छोड़कर विष का पात्र अपनाता है।

One who, born in Bharata, turns away from meritorious deeds abandons a pitcher of nectar to take up a vessel of poison.

— आराध्य सूत्र · #945

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