Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

मानव को बंधन दूर करने के लिए आत्मा और अनात्मा का विवेक करना चाहिए। विवेक से स्वयं को सत्-चित्त-आनंद रूप जानकर आत्मा आनंदित हो जाता है। ''शुद्ध बुद्धि ही कामधेनु है।''

To remove bondage a person should discern between the self and the non-self. Through discernment, knowing oneself as being-consciousness-bliss, the soul becomes joyful. 'Pure intellect alone is the wish-fulfilling cow.'

— आराध्य सूत्र · #892

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
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