Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

संसार में रहो परन्तु संसार अर्थात् राग-द्वेष को अपने अंदर न रहने दो यही विवेक का लक्षण है। विवेक वीरता का श्रेष्ठतर भाग है।

Live in the world, but do not let the world—that is, attachment and aversion—dwell within you; this is the mark of discernment. Discernment is the finer part of valor.

— आराध्य सूत्र · #837

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक