Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

स्वयं की बुद्धि सुखकारी, गुरु की बुद्धि विशेष, पर की बुद्धि विनाश कारी और स्त्री बुद्धि प्रपंचकारी होती है अतः अपने ज्ञानी शुभ चिन्तकों की सलाह से काम करें।

One's own judgment brings comfort, a teacher's judgment is superior, another's judgment can be ruinous, and impulsive judgment is deceptive; therefore act on the counsel of your wise and well-meaning advisors.

— आराध्य सूत्र · #624

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक