Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

अज्ञानी तो बीते हुए को स्वप्न की तरह मानता है, पर ज्ञानी (विवेकी) वर्तमान को स्वप्न की तरह मानता है।

The ignorant regards the past as a dream, but the wise (discerning) one regards even the present as a dream.

— आराध्य सूत्र · #269

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक