जैन स्वाध्याय को सरल, क्रमबद्ध और नियमित बनाने वाला एक जीवंत आंदोलन — जो दुनिया भर के जैनों को एक साथ जोड़ता है।
जैन स्वाध्याय नेटवर्क एक समुदाय-संचालित आंदोलन है जो जैन शास्त्रों के स्वाध्याय को सरल, क्रमबद्ध और नियमित आदत बनाता है — और दुनिया भर के जैनों को अध्ययन-समूहों, निःशुल्क साहित्य व सीखने के कार्यक्रमों के माध्यम से जोड़ता है।
Jain Swadhyay Network is a community-driven movement that makes the self-study (Swadhyay) of Jain scriptures structured, accessible, and a daily habit — uniting Jains locally and globally through study circles, free literature, and learning programs.
Jinvani, पाठशाला व ग्रंथ — सब निःशुल्क, सदा के लिए।
विषय व स्थान आधारित अध्ययन-मंडल — ऑनलाइन व ऑफलाइन।
कहाँ से शुरू करें — एक क्रमबद्ध, सरल रास्ता।
भारत से लेकर विदेश तक — एक जुड़ा हुआ परिवार।
हम पूरे ज्ञान-भंडार को एक सीढ़ी की तरह क्रम में रखते हैं, और हर कदम पर एक समूह व मार्गदर्शन देते हैं — ख़ासकर working professionals, युवाओं, गृहिणियों और विदेश में बसे जैनों के लिए।
विषय के नाम से जुड़िए — अध्याय नंबर से नहीं।
यह तो एक झलक है — पूरा क्रमबद्ध मार्ग आपको समूह के साथ मिलेगा।
अपनी रुचि का विषय चुनिए और उसी समूह के साथ नियमित अध्ययन कीजिए।
शुरुआत के लिए आदर्श — जैन सिद्धांतों की सरल प्रस्तुति।
आचार्य कुन्द-कुन्द का आत्म-स्वरूप पर श्रेष्ठ ग्रंथ।
छह द्रव्यों का संक्षिप्त व गहन परिचय।
आचार्य कुन्द-कुन्द का प्रसिद्ध ग्रंथ।
नियमित पाठ व अर्थ-सहित स्वाध्याय।
श्रावक के आचार व मार्ग का दिशा-दर्शन।
छोटे-छोटे कदम, नियमित अभ्यास — ताकि आदत बने और छूटे नहीं।
हर दिन छोटा, सरल पाठ — सीधे आपके फ़ोन पर।
हल्की-फुल्की क्विज़ — समझ परखें, मज़े से सीखें।
7, 21 व 90 दिन के पठन-संकल्प — नियमितता के लिए।
संरचित प्रतियोगिताएँ — गहराई व प्रोत्साहन।
लाइव study circles व भक्ति कार्यक्रम।
पर्व-विशेष सामूहिक पाठ व भक्ति।
समूह आपकी आदत बनाता है और भटकने नहीं देता। पर “स्व-अध्याय” का असली अर्थ है अपने भीतर की यात्रा — जो अंततः स्वयं ही करनी होती है। हम साथ चलते हैं; मंज़िल आपकी अपनी है।
श्रुत प्रेरक एक स्वयंसेवक है जो लोगों को स्वाध्याय से जोड़ता है — स्थानीय समूह बनाता है, नए साधकों को शुरुआत करवाता है, और गतिविधियों में सबको साथ लाता है।
हमारे सभी प्लेटफ़ॉर्म एक ही संगठन का हिस्सा हैं — जैन स्वाध्याय नेटवर्क।
8,000+ सदस्यों का समुदाय — Jinvani, पाठशाला, 310+ क्लब, चर्चा-मंच व ग्रंथ-भंडार।
आचार्य श्री विद्यासागर जी के साहित्य की समर्पित ज्ञान-लाइब्रेरी — लेख, ग्रंथ, काव्य।
रोज़ की स्वाध्याय प्रेरणा — सीधे आपके फ़ोन पर।
दैनिक स्वाध्याय, reading plans, audio व समुदाय — एक ही जगह।
प्रवचन, पाठशाला व स्वाध्याय वीडियो।
दैनिक स्वाध्याय, क्विज़, reading challenges व ओलंपियाड।
हमारे WhatsApp चैनल से जुड़िए — रोज़ की प्रेरणा पाइए, और चाहें तो अपने शहर में श्रुत प्रेरक बनिए।
💬 WhatsApp चैनल से जुड़ें