🪷 दसलक्षण पर्व — 15 सितम्बर से इस बार अकेले नहीं। अपने समूह के साथ। समूह में जुड़ें →

आप जहाँ भी हैं —
अपनी उपस्थिति दर्ज कराइए

भारत का हर ज़िला, दुनिया के 16 देश। अपना स्थान चुनिए, अपने समूह में शामिल होइए — और अपने शहर के साथियों को भी बुलाइए।

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ज़िला, शहर या राज्य का नाम लिखिए

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आपका खाता है — पर आपका ज़िला अभी खाली है

jainsamaj.world पर 8,000 से अधिक सदस्य हैं, पर अधिकांश अभी किसी ज़िला समूह में शामिल नहीं हुए। एक क्लिक की देर है।

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1. लॉगिन कीजिए

वही ईमेल जिससे आपने पहले खाता बनाया था। नया कुछ नहीं बनाना।

📍

2. अपना ज़िला चुनिए

नीचे खोजिए — पिन कोड, लोकेशन या नाम से। "जुड़ें" दबाइए, बस।

📲

3. साथियों को बुलाइए

अपने ज़िले के कार्ड पर "साथियों को बुलाइए" — लिंक अपने आप बन जाएगा।

जुड़ने के तीन रास्ते

आप किस तरह जुड़ना चाहते हैं?

तीनों अलग चीज़ें हैं — और तीनों खुली हैं। जो आपके लिए सहज हो, वही चुनिए।

अभी सक्रिय
परत १

WhatsApp स्वाध्याय समूह

रोज़ का सबसे सरल रास्ता। प्रतिदिन एक विषय, चर्चा, और प्रश्नोत्तर — सीधे आपके फ़ोन पर। दसलक्षण के दस दिन यहीं चलेंगे।

"विलक्षण" भेजिए →
परत २

विषय-आधारित स्वाध्याय

समयसार, छहढाला, भक्तामर — ग्रंथ के अनुसार बने ऑनलाइन समूह। स्थान का बंधन नहीं, दुनिया में कहीं से भी।

समूह देखिए →
परत ३

अपने ज़िले का समाज

आपके ज़िले का जैन समाज — मंदिर सूची, धर्मशाला, भोजनशाला, कार्यक्रम और स्थानीय साथी। भारत के 689 ज़िले।

अपना ज़िला खोजिए →
कहीं से भी जुड़िए

विषय-आधारित स्वाध्याय समूह

ये ऑनलाइन हैं — स्वीडन से हों या सागर से, एक ही समूह में साथ पढ़ सकते हैं।

सभी स्वाध्याय समूह देखिए →
भारत

अपने ज़िले का समाज

राज्य खोलिए और अपना ज़िला चुनिए। हर ज़िले में मंदिर सूची, धर्मशाला, भोजनशाला, कार्यक्रम और विमर्श।

689 ज़िले · 689 साथी चाहिए

अपने ज़िले के संयोजक बनिए

हर ज़िले में एक ही संयोजक होगा। जो पहले आगे आएगा और सक्रिय रहेगा, वही। कोई शुल्क नहीं — बस थोड़ा समय और भाव।

ज़िला संयोजक क्या करता है?

महीने में कुछ घंटे। इतना ही। न कोई बैठक अनिवार्य, न कोई चंदा, न कोई ज़िम्मेदारी जो आपके काम-काज में बाधा बने।

📲
अपने ज़िले के लोगों को बुलानापरिचितों को लिंक भेजना — बस इतना।
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स्थानीय जानकारी जोड़नामंदिर, धर्मशाला, भोजनशाला की सूची।
📅
कार्यक्रम साझा करनाज़िले के आयोजन समूह में पोस्ट करना।
🪷
स्वाध्याय की लौ जलाए रखनादसलक्षण जैसे पर्वों पर सबको साथ लाना।
🙋 मैं संयोजक बनना चाहता/चाहती हूँ WhatsApp पर एक संदेश — हम आपसे बात करेंगे।
16 देश

भारत के बाहर रहते हैं?

दूरी स्वाध्याय को नहीं रोकती। अपना देश चुनिए — और वहाँ के साथियों से जुड़िए।

आपका कोई परिवार विदेश में रहता है?

बेटा, बेटी, भाई, बहन — जो नौकरी या पढ़ाई के लिए बाहर हैं। उन्हें यह लिंक भेज दीजिए। वहाँ बहुत लोग अकेले हैं, और उन्हें पता ही नहीं कि उनके शहर में और भी जैन परिवार हैं।

📲 परिवार को भेजिए

आपका देश सूची में नहीं है?

कोई बात नहीं। स्वाध्याय के लिए न्यूनतम संख्या दो है — आप और एक ग्रंथ। WhatsApp पर लिखिए, हम आपको ऑनलाइन समूह से जोड़ देंगे और आपके देश का समूह भी शुरू कर देंगे। कई देशों में अभी शुरुआत ही है — आप पहले साथी बन सकते हैं।

आज हर जैन अपनी उपस्थिति दर्ज कराए

एक व्यक्ति जुड़ता है तो एक नाम बढ़ता है। एक व्यक्ति दस को बुलाता है तो एक ज़िला जाग जाता है।

📲 अपने साथियों को बुलाइए
🪷 मैं अभी उपस्थिति दर्ज करता/करती हूँ →

समूह तो साधन है — साध्य है स्वयं।